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Akhil Bharatiya Aghor Akhada
अखिल भारतीय अघोर अखाड़ा अघोर की आध्यात्मिक परंपरा, उसके दर्शन और उसके वास्तविक स्वरूप को समाज तक पहुँचाने के उद्देश्य से स्थापित एक आध्यात्मिक संगठन है।
अघोर को अक्सर समाज में केवल भय, श्मशान, रहस्यमय साधनाओं अथवा बाहरी वेशभूषा से जोड़कर देखा जाता है। ऐसी अधूरी धारणाओं के कारण अनेक लोगों के मन में अघोर और अघोरी साधकों के प्रति भय और गलतफहमियाँ उत्पन्न हुई हैं।
अखिल भारतीय अघोर अखाड़ा का प्रयास है कि इन भ्रांतियों से अलग अघोर के वास्तविक आध्यात्मिक स्वरूप को समाज के सामने रखा जाए।
अघोर का संबंध भगवान शिव की उपासना और एक प्राचीन आध्यात्मिक साधना-दृष्टि से है। अघोर के मूल भाव में निर्भयता, समभाव, आत्मचिंतन, साधना और आध्यात्मिक उन्नति जैसे तत्व महत्वपूर्ण हैं।
अघोर को केवल बाहरी वेशभूषा या किसी विशेष स्थान से जोड़कर नहीं समझा जा सकता। अघोर का वास्तविक भाव मनुष्य को अपने भीतर के भय, घृणा, अहंकार, मोह और भेदभाव को समझने तथा उनसे ऊपर उठने की दिशा में प्रेरित करना है।
हमारा विश्वास है कि अघोर को देखकर डरने के बजाय उसे समझने की आवश्यकता है।
अखिल भारतीय अघोर अखाड़ा की स्थापना वर्ष 2017 में श्री श्री श्री 1008 डॉ. श्री आदेश नाथ जी अघोरी द्वारा की गई।
अखिल भारतीय अघोर अखाड़ा की स्थापना का मूल उद्देश्य अघोर की वास्तविक आध्यात्मिक परंपरा और उसके सही स्वरूप को समाज तक पहुँचाना है।
वर्ष 2017 में श्री श्री श्री 1008 डॉ. श्री आदेश नाथ जी अघोरी द्वारा अखाड़े की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई कि लोगों को अघोर के बारे में सही जानकारी मिले, समाज में फैले भय और भ्रम को दूर किया जाए तथा अघोर की वास्तविक आध्यात्मिक पहचान लोगों के सामने लाई जाए।
समय के साथ अघोर के नाम से समाज में अनेक प्रकार की गलत धारणाएँ बनने लगीं। कुछ लोग बाहरी रूप, विशेष वेशभूषा और रहस्यमय व्यवहार को ही अघोर का पूरा स्वरूप मानने लगे।
काले वस्त्रों और डरावनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कुछ लोगों द्वारा स्वयं को अघोर से जोड़कर प्रस्तुत करने की वजह से भी आम लोगों के मन में भय उत्पन्न हुआ। धीरे-धीरे ऐसी धारणा बनने लगी कि अघोरी साधक डरावने होते हैं, उनका जीवन अस्वच्छ या नकारात्मक होता है और अघोर किसी भयावह साधना का नाम है।
Akhil Bharatiya Aghor Akhada is a spiritual organization dedicated to preserving, understanding, and sharing the true spiritual essence, philosophy, and traditions of Aghor with society.
Aghor is often misunderstood and is sometimes associated only with fear, cremation grounds, mysterious practices, or a particular external appearance. Because of such incomplete perceptions, many people have developed fear and misconceptions about Aghor and Aghori practitioners.
The purpose of Akhil Bharatiya Aghor Akhada is to present Aghor in its true spiritual perspective and help people understand it beyond fear, rumors, and misconceptions.
Shri Nath Ji Ka Dhoona Aghor Ashram